उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के स्याना में सोमवार को हुई घटना में भीड़ बेकाबू हो गई और इसी हंगामे के बीच भीड़ द्वारा कोतवाल सुबोध कुमार सिंह को मार दिया। इस घटना में एक अन्य युवक के मरने की खबर है। अब इस घटना को लेकर सीएम ने भी रिपोर्ट तलब की है तो दूसरी ओर पुलिस ने भी अपनी कार्यवाई तेज़ कर दी है। इस मामले में बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज को मुख्य आरोपी बनाया गया है जिससे अब एक अहम खुलासा हुआ है।

बुलंदशहर की स्याना कोतवाली में उपनिरीक्षक सुभाष चंद की ओर से दर्ज कराई एफआईआर में 24 वर्षीय योगेश राज को मुख्य आरोपी बनाया गया है जो कि अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में है। योगेश सोमवार से ही फरार है। योगेश राज 2016 में बजरंग दल का सदस्य बना था और आठ महीने पहली ही उसे ज़िला संयोजक बनाया गया था. योगेश के घर के बाहर ‘अखंड भारत’ के नक़्शे वाला पोस्टर लगा हुआ है जिसमे पकिस्तान, बांग्लादेश, अफ़ग़ानिस्तान और म्यांमार को भारत के हिस्से के रूप में प्रदर्शित किया गया है।

उसके साथ लकीरों के माध्यम से यह दर्शाया गया है कि कब-कब देश का विभाजन हुआ था. योगेश के खिलाफ पुलिस ने उस पर आरोप लगाया है कि उसने करीब 500 लोगो का नेतृत्व किया था. इसी भीड़ को पुलिसवाले पर हमला करने के लिए उकसाने के पीछे योगेश का हाथ बताया जा रहा है। इंस्पेक्टर अपील करते रहे लेकिन योगेश भीड़ को उकसाता रहा।

 

इसके उलट योगेश इलाके में एक अच्छा इंसान, देशभक्त तथा हिन्दुओ का मसीहा के रूप में चर्चित है। आपको बता दें कि योगेश के साथ इस एफआईआर में 27 लोगों को नामजद एवं 50-60 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। नामजदों में से करीब दस आरोपी ऐसे हैं, जो हिंदूवादी संगठनों से जुड़े हुए हैं।

आरोपी उपेंद्र राघव विश्व हिन्दू परिषद का पूर्व पदाधिकारी है। आरोपी विक्रांत त्यागी स्याना विधानसभा क्षेत्र का भाजपा आईटी संयोजक है। आरोपी विशाल त्यागी, रमेश जोगी एवं सतेंद्र राजपूत बजरंग दल से जुड़े हुए बताए जाते हैं। आरोपी शिखर अग्रवाल भाजयुमो कार्यकर्ता है। राजकुमार पूर्व प्रधान का देवर है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here