बीजेपी नेता के टिकट कटने से नाराज़गी अब खुलकर सामने आ गयी है. पूरे प्रदेश में हर तरफ बग़ावत और विरोध के सुर हैं. इन बाग़ियों और असंतुष्ट नेताओं की वजह से बीजेपी हाईकमान टेंशन में है. रूठों को मनाने के लिए पार्टी के पदाधिकारी सक्रिय हो गए हैं. बीजेपी के घर में चल रहे घमासान पर कांग्रेस नेताओं की नज़र है.

प्रदेश की 22 से ज़्यादा ऐसी सीट हैं, जहां बीजेपी नेताओं की टेंशन बढ़ गई है. ये टेंशन टिकट कटने वाले विधायकों और टिकट मांगने वाले नेताओं को लेकर है. ऐसे नेताओं की लंबी फेहरिस्त है, जिन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने के साथ पार्टी के ख़िलाफ ही मोर्चा खोल दिया है.

टिकट कटने पर टीकमगढ़ के बीजेपी विधायक के के श्रीवास्तव ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोला तो सिंगरौली में पूर्व मंत्री स्व. जगन्नाथ सिंह के भाई अमर सिंह को टिकट देने पर बहू राधा सिंह नाराज़ हो गयीं. हाटपिपल्या से चार बार के विधायक तेज सिंह सेंधव ने अनदेखी का आरोप लगाते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया. यही हाल बागली का है. बागली विधायक चंपालाल देवड़ा ने निर्दलीय चुनाव चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया.

खंडवा में उम्मीदवार देवेंद्र वर्मा के विरोध में युवाओं ने प्रदर्शन किया और पंधाना में पूर्व विधायक योगिता बोरकर ने प्रत्याशी राम दांगोरे के खिलाफ मोर्चा खोला.मांधाता में नगर परिषद अध्यक्ष संतोष राठौड़ ने प्रत्याशी नरेंद्र सिंह तोमर का विरोध किया तो पनागर में विधायक सुशील तिवारी का स्थानीय स्तर पर विरोध हो रहा है. रतलाम सिटी से पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी के विरोधी तेवर सामने आए हैं. नीमच की मनासा सीट पर माधव मारू का विरोध शुरू हो चुका है और सीहोर में विधायक रमेश सक्सेना को भी विरोधियों का सामना करना पड़ रहा है.

कहीं नेता को टिकट ना मिलने का विरोध है तो कहीं टिकट दिलाने का संघर्ष है. गुना विधायक पन्नालाल शाक्य टिकट कटने से नाराज़ हैं. उन्होंने भी निर्दलीय चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं.बमोरी से टिकट न मिलने से पूर्व राज्यमंत्री के एल अग्रवाल नाराज़ हैं और शमशाबाद सीट से विधायक सूर्यप्रकाश मीणा के समर्थन में 100 से अधिक कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षरित पत्र समाज के मुखिया को सौंपा है.सुसनेर में प्रत्याशी मुरलीधर पाटीदार के विरोध में पूर्व विधायक संतोष जोशी उतर आए हैं.

सागर से बीजेपी प्रत्याशी शैलेंद्र जैन का भारी विरोध हो रहा है. टिकट ना मिलने से नाराज़ मुकेश जैन ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. बड़ामलहरा विधायक रेखा यादव टिकट कटने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतर आयी हैं. चंदला नगर परिषद अध्यक्ष नित्या सिंह बागरी भी निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी हैं. महिदपुर के विधायक बहादुर सिंह चौहान के समर्थकों ने केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत के घर का घेराव कर नारेबाज़ी की.

टिकट वितरण के बाद बीजेपी डैमेज कंट्रोल में जुट गई है. नाराज़ नेताओं से बातचीत की जा रही है. स्थानीय स्तर पर प्रत्याशियों का विरोध करने वाले नेताओं को भी मनाने की कोशिश की जा रही है. प्रदेश मुख्यालय पर तो भोपाल सांसद आलोक संजर को ज़िम्मेदारी सौंप दी गयी है कि मुख्यालय आने वाले असंतुष्टों को वो मनाएं और समझाएं. बीजेपी ने सीटों पर बिगड़ते चुनावी समीकरण ठीक करने के लिए पूरी ताक झोंक दी है.

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