हैवानियत की हद तो तब हो गई जब बच्ची जान बचाने के लिये  छटपटाती रही, लेकिन वो मारता ही रहा।

गुजरात सूरत :- रविवार की रात साढ़े तीन साल की बच्ची के साथ दरिंदे ने सारी हदें पार कर दी थीं। मंगलवार को सुबह स्मीमेर अस्पताल में हुए फोरेंसिक पोस्टमार्टम के बाद विभाग के एचओडी डॉ. इलियाज शेख ने बताया, बच्ची की हालत देखकर हम भी शॉक्ड थे।

रेप, कुकर्म के साथ ही बच्ची के सिर और गले पर चोटों के निशान मिले हैं। मौत का समय रविवार की रात डेढ़ बजे के करीब रहा होगा। आरोपी ने सबसे पहले बच्ची के साथ रेप किया। पहली दरिंदगी के बाद भी उसका मन नहीं भरा तो कुकर्म का प्रयास किया। दोनों प्राइवेट पार्ट में चोटें मिली हैं।

इसके बाद बच्ची ने बचने की कोशिश की ताे सिर पर डंडे या किसी लकड़ी से इतनी जोर से मारा कि ब्रेन हेमरेज हो गया। इससे निढाल हुई बच्ची का दोनों हाथों से गला घोंट दिया। आखिरकार सिर की गंभीर चोट और दम घुट जाने से बच्ची ने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम टीम ने 10 तरह के अलग-अलग सेंपल लेकर एफएसएल को भेज दिए हैं। आरोपी अनिल यादव तीसरे दिन मंगलवार को भी पुलिस के हाथ नहीं आया। उसके खिलाफ पोस्को और हत्या का मामला दर्ज किया है।अस्पताल पहुंचे एक हजार लोग सिर्फ एक ही बात पर अड़े रहे

मंगलवार सुबह करीब 9 बजे गोडादरा इलाके से एक हजार से ज्यादा लोग स्मीमेर अस्पताल पहुंच गए। इनकी यह मांग थी कि जब तक आरोपी को पकड़ा नहीं जाता तब तक शव नहीं लेंगे। डीसीपी बारोट और डीएसपी विनय शुक्ल ने समझाया कि पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के करीब हैं और उसे जल्द पकड़ लेंगे। इसके बाद लोग लिखित आश्वासन पर अड़ गए। डीएसपी विनय शुक्ल ने वहां मौजूद 11 अग्रणी लोगों की टीम बनाकर दोबारा आश्वस्त किया कि आरोपी को ढूंढ निकालेंगे आप शव ले जाइए।

अग्रणियों ने चेतावनी दी कि अभी शव को ले जा रहे हैं, लेकिन दो दिन में गिरफ्तारी नहीं हुई तो बच्ची का शव कलश कमिश्नर कचहरी के सामने आकर बैठ जाएंगे। दोपहर 2.30 से 3 बजे के बीच शव रवाना हो सका। शव को वैन से घर ले जाते समय कुछ लोग सामने खड़े हो गए, जिन्हें समझाकर हटाया। इस दौरान कुछ लोगों ने रास्ते में तीन लारियों को पलट दिया। बच्ची के सोसाइटी में सुरक्षा के लिए करीब 100 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

आरोपी को फांसी देने की मांग करते हुए प्रदर्शन
दोपहर बाद निकाली गई बच्ची की शवयात्रा जहां-जहां से यात्रा गुजरी वहां लोगों ने अपनी दुकानें खुद बंद कर दी। लोग हाथ में बच्ची की तस्वीर वाले बैनर और पोस्टर लिए आरोपी को फांसी देने की मांग कर रहे थे। शवयात्रा में करीब 100 पुलिसकर्मी तैनात थे। लिंबायत श्मशान में जिस जगह दफनाया जाना था वहां से हटकर कब्र खोदी गई। शाम चार बजे अंतिम संस्कार किया गया। रात 8.30 बजे आसपास मंदिर के निकट करीब 1000 लोगों ने कैंडल मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने रोक दिया। उग्र लोगों ने कहा कि बच्ची को न्याय दिलाने को वे दो दिन बाद फिर कैंडल मार्च निकालेंगे।

तलाश: शहर में आरोपी के दोस्तों-रिश्तेदारों से पूछताछ, चार टीमें बिहार, महाराष्ट्र भेजी
लिंबायत पीआई सीआर जाधव ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए पुलिस, क्राइम ब्रांच, एसओजी की 21 टीमें लगाई गई हैं। चार टीमें बिहार-महाराष्ट्र भेजी गई हैं। शहर में आरोपी के कुछ रिश्तेदारों से भी पूछताछ चल रही है। शहर में 80 घरों में लोगों से पूछताछ की है। आरोपी की अंतिम मोबाइल लोकेशन सूरत में मिली थी। उसके 10 से 15 दोस्तों के मोबाइल की कॉल डिटेल की जांच की जा रही है। आरोपी मकान मालिक के भांजे का दोस्त बताया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पहली मंजिल पर किराये से रहने वाले परिवार की इस बच्ची की उसी मकान में ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले आरोपी ने रेप के बाद हत्या कर दी थी। बच्ची का शव सोमवार को आरोपी के कमरे में रखे ड्रम में मिला था।

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