मुलायम के अखिलेश के साथ आने से शिवपाल की मुसिबतें बढ़ सकती हैं. अखिलेश ”लोकतंत्र बचाव-देश बचाव” साइकिल यात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं को संबोधित करने जंतर-मंतर पर आए हैं. साइकिल रैली के समापन क साथ ही समाजवादी पार्टी ने चुनावी बिगुल फूंक दिया है.

लखनऊ: एक तरफ शिवपाल सिंह यादव ने मैनपुरी से मुलायम सिंह यादव को अपनी नई नवेली पार्टी समाजवादी सेक्युलर मोर्चा से प्रत्याशी घोषित किया है. वहीं मुलायम आज बेटे अखिलेश यादव के साथ दिल्ली में मंच साझा करते नजर आए.  मुलायम के अखिलेश के साथ आने से शिवपाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. अखिलेश ‘लोकतंत्र बचाव-देश बचाव’ साइकिल यात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं को संबोधित करने जंतर-मंतर पर आए हैं. साइकिल रैली के समापन साथ ही समाजवादी पार्टी ने चुनावी बिगुल फूंक दिया है.

खास बात ये है कि मुलायम सिंह यादव भाई के साथ नहीं बल्कि बेटे के साथ हैं. पिछले कुछ समय से समाजवादी परिवार में मनमुटाव की खबरें आती रही हैं. इस कार्यक्रम में पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के साथ ही उनके पिता मुलायम सिंह यादव और चाचा राम गोपाल यादव भी मौजूद रहे.

शिवपाल सिंह यादव ने 16 सितंबर को कहा था कि समाजवादी सेक्युलर मोर्चे की तरफ से मुलायम सिंह यादव को मैनपुरी से प्रत्याशी घोषित किया गया है. अगर मुलायम किसी अन्य पार्टी से चुनाव लड़ते हैं तो भी समाजवादी सेक्युलर मोर्चा उनका समर्थन करेगा.

उन्होंने कहा था,”मैंने नेताजी को मोर्चे का अध्यक्ष बनने के लिए ऑफर दिया है. मैंने उनसे आदेश और आशीर्वाद लेने के बाद ही समाजवादी सेक्युलर मोर्चे का गठन किया था.”

मुलायम सिंह यादव ने कहा कि मेरी इच्छा है कि समाजवादी पार्टी कभी बूढ़ी न होने पाए ये सदैव आगे बढ़ती रहे.  मुलायम सिंह ने अपने पूरे भाषण में लड़कियों और महिलाओं को पार्टी की मुख्य धारा में शामिल करने पर विशेष ज़ोर दिया और चुनाव में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों को जिताने की अपील की.

वहीं अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार ने अकेले यूपी में दो लाख लोगों को नौकरी दी जिसे नहीं दे पाए उनकी मदद की. लड़कियों की पढ़ने मदद की. अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी जवानों के हाथ में होगी.

अखिलेश ने कहा कि अतुल प्रधान के नेतृत्व में साइकिल चलाने का कार्यक्रम हुआ, मैं इस पूरी सायकिल यात्रा से जुड़े पदाधिकारियों और चालकों को धन्यवाद देना चाहता हूं. इन लोगों ने एक हज़ार किलोमीटर से ज़्यादा साइकिल चलाई है. लोगों को निराशा से निकालने और समाजवादी पार्टी को जगाने का काम किया है.

अखिलेश ने कहा कि इस सामाजिक न्याय और विकास यात्रा में नेता जी के आने से जो ऊर्जा हमें मिली है वो बयां नहीं की जा सकती. अखिलेश यादव ने कहा, ”समाजवादी पार्टी लोहिया और अम्बेडकर के दो पहियों पर चलने वाली साइकिल है. मैंने अपनी पत्नी को पहले ही लोकसभा में भेज दिया है.”

बीजेपी पर तंज करसते हुए अखिलेश ने कहा कि नोट बंदी से कितना काला धन वापस आ गया? पचास हज़ार से ज़्यादा किसानों ने आत्महत्या कर ली. देश में जीएसटी और नोटबंदी ने हज़ारों कारख़ाने और व्यापार बंद करा दिए और प्रधानमंत्री कहते हैं कि पकौड़ा बना लो और नाले से गैस जला लो.

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