भाजपा के वरिष्ठ नेता पर एक महिला कार्यकर्त्ता ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। यह आरोप आरएसएस-भाजपा से जुड़ी एक महिला कार्यकर्ता द्वारा संगठन से जुड़े एक वरिष्ठ पदाधिकारी पर लगाया गया है।

इस मामले के आरोपी एक राष्ट्रीय स्वयंसेवक के प्रचारक रहे हैं और संगठन में अहम पद पर हैं। पीड़ित महिला का कहना है कि इस घटना से सम्बंधित कई अहम साक्ष्य जिस मोबाइल में है, उसे उससे छीन लिया गया है। और उसने दावा किया की इसके आलावा उसके पास और भी कई साक्ष्य है।

पीड़िता ने कहा की उसने इस मामले की सारी जानकारी पुलिस को दी। लेकिन मोबाइल की गुमशुदगी दर्ज करके उन्हें टाल दिया गया। महिला ने कहा कि पार्टी के कई जिम्मेदार पदाधिकारियों से बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

महिला की शिकायत की सुनवाई कहीं भी नहीं हुई, वैसे तो यौन उत्पीड़न में पीड़िता का आरोप ही काफी है, लेकिन पीड़ित महिला ने कुछ ऐसे साक्ष्य दिखाए, जो सुप्रीम कोर्ट की विशाखा गाइड लाइन के अनुसार किसी को यौन उत्पीड़न का आरोपी मानने के लिए काफी हैं।

जब भाजपा सरकार इन आरोपों को गंभीरता से लेगी तो पूरी सच्चाई सामने आ जायगी। पीड़ित महिला का कहना है कि आरोपी वरिष्ठ पदाधिकारी से वो तब मिली। जब उसे आजीवन सहयोग निधि अभियान के दौरान प्राप्त हुए चेकों की एंट्री करने के लिए प्रदेश भाजपा कार्यालय में भेजा गया था।

उस दौरान आरोपी पीड़िता से फोन पर बार बार बातें करता था। इतना ही नहीं पीड़िता ने कहा कि आरोपी ने उसे आपत्तिजनक चीजें भेजी और उसके साथ अश्लील वार्तालाप और अश्लील हरकत भी की। उसने इसकी शिकायत पार्टी के लोगों से भी की, पीड़ित महिला का कहना कि, हर किसी ने यही कहा कि मैं इतने बड़े व्यक्ति पर झूठे आरोप लगा रही हूं। मुझसे आरोपों को लेकर सबूत मांगे गए।

इन परिस्थितियों में मैंने मजबूर होकर पदाधिकारी की आडियो-वीडियो कॉल रिकार्डिंग की। पार्टी में मैंने अलग-अलग स्तरों पर लोगों को दिखाई। दुख की बात है कि इन लोगों ने कोई कार्रवाई करने के बजाए, ये सारी बातें आरोपी पदाधिकारी को ही बता दी। पीड़िता ने बताया की एक महिला मोर्चा पदाधिकारी ने उसे अपने घर पर बुलाया और वहां धोखे से उसका मोबाइल छीन लिया।

पीड़ित महिला ने बीजेपी की जिस पदाधिकारी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। वह संगठन में पहले भी विवादों में रह चुके हैं। उनका संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से रहा है। कुछ वर्ष पहले संगठन में उन्हें अहम जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। आरोपी प्रचारक के रूप में वे हरिद्वार के साथ प्रदेश के कई जनपदों में उन्होनें काम भी किया हैं। पीड़िता के आरोप से पहले भी पार्टी के अंदर आरोपी के बारे में इस तरह की चर्चा आम रही हैं।

महिला ने कहा कि इस मामलें की शिकायत उसने भाजपा महानगर के अध्यक्ष विनय गोयल से भी की। लेकिन विनय गोयल ने बताया की पीड़िता ने उन्हें फोन पर कुछ बताने को कहा था, लेकिन इसके बाद पीड़िता द्वारा कोई संपर्क नहीं किया गया। विनय गोयल का जवाब देने के लिए पीड़िता ने सात अगस्त 2018 का अपनी और आरोपी के बीच हुई बातचीत का एक वीडियो सौंपा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here