भारत में सदियों से बेटे और बेटियों में भेदभाव किया जाता रहा है।  हालांकि केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी इस बात का दावा करती है कि वह महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है।  लेकिन यह सब दावे झूठे साबित हो चुके हैं।  क्योंकि बीजेपी में खुद ऐसे नेता मौजूद हैं जो महिलाओं के साथ यौन हिंसा और रेप जैसे मामलों में आरोपित हैं।

1. राजनीति में महिलाओं के साथ होता है भेदभाव

भारतीय जनता पार्टी के साथ साथ उनके सहयोगी दल भी महिलाओं के साथ भेदभाव करने में कोई कमी नहीं रखते हैं। इसका अंदाजा आप लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष रामविलास पासवान की बेटी के ऐलान से लगा सकते हैं।

2.  रामविलास पासवान के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ेंगी आशा पासवान

इस मामले में लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान की बेटी आशा पासवान ने ऐलान किया है कि वह अपने पिता के खिलाफ आने वाले लोकसभा चुनावों में चुनाव लड़ेंगी। आशा पासवान ने आरजेडी से टिकट मिलने की उम्मीद भी जताई है और वह हाजीपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकती हैं।

3. पिता पर लगाए बेटे को ही प्रमोट करने के आरोप

आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 में अपने सक्रिय राजनीतिक करियर शुरुआत करने जा रही आशा पासवान का कहना है कि उनके पिता रामविलास पासवान ने हमेशा अपने बेटे को ही प्रमोट किया है। जबकि अपनी बेटियों को हमेशा पीछे रखा है।

4. कहा- बेटियों के साथ नहीं करते समान बर्ताव

आशा पासवान ने अपने पिता रामविलास पासवान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह अपनी बेटियों के साथ भेदभाव करते हैं। बेटियों को वह बिल्कुल भी भाव नहीं देते। आशा पासवान का कहना है कि मुझे पार्टी में हमेशा नकारा गया है जबकि मेरा भाई चिराग पासवान लोजपा की टिकट से सांसद बन चुका है।

5. आरजेडी से चुनाव लड़ेंगी आशा पासवान

आपको बता दें कि चिराग पासवान इस वक्त बिहार के जमुई से सांसद हैं और वह बीजेपी के काफी करीबी माने जाते हैं। वहीँ आशा पासवान अब आरजेडी के साथ नजदीकियां बढ़ा रही हैं। इससे पहले आशा पासवान के पति भी आरजेडी से चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके हैं।

निष्कर्ष: आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी को एक साथ कई झटके मिल सकते हैं।

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