भारी बारिश से इस साल तबाही मची हुई है. गृह मंत्रालय के मुताबिक इस साल बारिश में अब तक केरल के 488 समेत कुल 1400 लोगों ने जान गवाई. यह सिलसिला अभी रुका भी नहीं था कि पिछले 24 घंटे में यूपी में बिजली गिरने और भारी बारिश से 10 लोगों की मौत हो गई. केरल में 488 लोगों की मौत के साथ 14 लाख से भी ज्यादा लोग बेघर हुए हैं, जो राहत कैंपों में रह रहे हैं. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में राहत कैंप लगाए गए हैं. भारी बारिश से राज्य के दक्षिणी हिस्से में चलते 57 हजार हेक्टेयर से भी ज्यादा जमीन को नुकसान पहुंचा है.अगर दूसरे राज्यों की बात करें तो यूपी में अबतक 254, पश्चिम बंगाल में 210, कर्नाटक में 170, महाराष्ट्र में 139, गुजरात में 52, असम में 50, उत्तराखंड में 37, ओडिशा में 29 और नागालैंड में 11 लोगों की मौत हो चुकी है. इन सब के अलावा अब तक 43 लोग लापता हो चुके हैं. जिनमें से 15 केरल, 14 यूपी, 5 पश्चिम बंगाल, 6 उत्तराखंड और तीन कर्नाटक के हैं. जबकि 10 राज्यों में कुल 386 लोग घायल हुए हैं.बारिश और बाढ़ से ओडिशा के 30, महाराष्ट्र के 26, असम के 25, यूपी और पश्चिम बंगाल के 23, केरल के 14, उत्तराखंड के 13, कर्नाटक और नागालैंड के 11 और गुजरात के 10 जिले प्रभावित हुए हैं. असम में अब तक 11.47 लोग बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं. जबकि 27,964 हेक्टेयर जमीन को नुकसान पहुंचा है. साथ ही पश्चिम बंगाल में 2.28 लाख लोग प्रभावित हुए और 48,552 हेक्टेयर जमीन को नुकसान पहुंचा. यूपी में 3.42 लाख लोग प्रभावित हुए और 50,873 हेक्टेयर जमीन को नुकसान पहुंचा. कर्नाटक में 3.5 लाख लोग प्रभावित हुए और 3,521 हेक्टेयर जमीन को नुकासान पहुंचा.केरल के बाद अब बारिश का कहर यूपी में देखने को मिल रहा है. जहां ललितपुर में बेतवा नदी में उफान के चलते 6 मजदूर नदी के बीच में एक टापू पर फंस गए. जिन्हें बाद में सेना के दो हेलीकॉप्टरों की मदद से सुरक्षित बचाया गया. वहीं राज्य के शामली में तेज बारिश के चलते पूरा शहर ही टापू में तब्दील हो गया है. स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के अलावा नालों की सफाई न होना भी शहर में जलभराव की वजह बना. जिसकी वजह से सहारन जा रही एक बस अंडरपास में फंस गई. 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे जेसीबी की मदद से निकाला जा सका. वहीं कानपुर और उन्नाव में गंगा का पानी खतरे के निशान के ऊपर बह रहा है. गंगा किनारे रहने वाले लोगों को कैंपों में भेजा गया है. अब तक उन्नाव और उसके आस-पास की जगहों के 394 लोगों को घर छोड़कर राहत कैंपों में रहना पड़ रहा है.एमपी के छतरपुर में भारी बारिश के चलते रानी खेरा गांव में बाढ़ के हालात बन गए हैं. पूरा गांव चारों तरफ से पानी से घिर चुका है. रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए लोगों तक राहत सामग्री और दवाईयां पहुंचाई जा रही हैं. जबकि राज्य के टीकमगढ़ जिले में जामनी और बेतवा नदी के बाधों का पानी छोड़े जाने से 25 लोग फंस गए थे. जिन्हें बाद में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर निकाला गया.देश की राजधानी दिल्ली में बारिश के चलते जगह-जगह जलभराव जैसी समस्याएं आ रही हैं. साथ ही बिहार और उत्तराखंड के हालात भी भारी बारिश की वजह से बदतर बने हुए हैं.

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