किसी भी देश को चलाने के लिए सबसे पावरफुल शख्स देश के प्रधानमंत्री को माना जाता है। गौरतलब है कि यह काम आसान नहीं है इसके लिए प्रधानमंत्री का पूरी तरह से संपन्न होना बहुत जरूरी है खासतौर पर शिक्षा के मामले में।

गौरतलब है कि भारत की राजनीति में ज्यादातर नेता पढ़े लिखे नहीं हैं और यह देश बीते कई दशकों से ऐसे ही चला आ रहा है। इसीलिए आज तक भारत की तरक्की नहीं हो पाई है। क्योंकि यहां पर देश को चलाने वाले नेता ही शिक्षित नहीं है। तो वह शिक्षा का मूल्य क्या समझेंगे।

वहीँ विदेशों में भारत की राजनीति से बिलकुल अलग माहौल है। इसका अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं स्पेन में स्वास्थ्य मंत्री कारमेन मोंटोन ने उनकी शिक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच इस्तीफा दे दिया है।

दरअसल कारमेन की डिग्री पर एक ऑनलाइन अखबार के दावे के बाद सवाल उठाए जा रहे थे। इन आरोपों के बीच कारमेन ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया। आपको बता दें कि कारमेन के इस कदम की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ़ की जा रही है।

वहीं अगर भारत के प्रधानमंत्री मोदी की डिग्री से जुड़े विवाद को देखें तो वह इस मामले में किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से हमेशा बचते नजर आए हैं। गौरतलब है कि पीएम मोदी पर फर्जी डिग्री दिखा कर लोगों को मूर्ख बनाने का काम किया है।

इस मामले में मंत्री महोदय सोशल मीडिया पर भी लोगों के निशाने पर आ गए हैं। जहां सोशल मीडिया यूजर्स स्पेन की स्वास्थ्य मंत्री द्वारा लिए गए फैसले की तारीफ कर रहे हैं। वहीं लोगों का कहना है कि अगर भारत में ऐसा हो तो पूरी सरकार ही गिर जाएगी।

निष्कर्ष: पीएम मोदी के जन्मदिवस यानी कि आज भी उनकी डिग्री को लेकर विवाद सुर्खियों में आ गया है। आपको बता दें कि पीएमओ निजता के अधिकार का हवाला देकर हमेशा पीएम मोदी की डिग्री के बारे में डिटेल देने से बचता है।

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