साल 2016 में देश छोड़ कर विदेश भाग चुके विजय माल्या के खिलाफ लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में सुनवाई चल रही है कि उन्हें भारत वापस भेजा जाए या नहीं। कोर्ट में पेश हुए विजय माल्या ने देश छोड़कर भागने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिलने का दावा किया।

1. विजय माल्या के खिलाफ जारी किया गया था लुकआउट सर्कुलर

आपको बता दें कि साल 2015 में विजय माल्या के खिलाफ सीबीआई जांच चल रही थी। इसके साथ ही लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था। लेकिन बाद में इसमें बदलाव करके हिरासत की जगह उसके आवागमन पर सूचना देने का फैसला किया गया था।

2. सीबीआई ने मानी अपनी गलती

खबर के मुताबिक सीबीआई ने अब माना है कि विजय माल्या के खिलाफ जारी किए गए लुक आउट सर्कुलर में बदलाव करना एक बड़ी चूक थी। साल 2015 में विजय के खिलाफ जारी किए गए लुकआउट सर्कुलर के बावजूद उसे गिरफ्तार नहीं किया गया।

3. सांसद होने का विजय माल्या ने उठाया फायदा

इस मामले में सफाई देते हुए सीबीआई ने कहा है कि जिस वक्त माल्या के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था। तब वह विदेश में था लेकिन लौटने पर उसे गिरफ्तार इसलिए नहीं किया गया। क्योंकि वह पूछताछ में सहयोग कर रहा था और उस समय वह सांसद भी था इसके खिलाफ कोई वारंट जारी नहीं किया गया था।

4. सीबीआई ने माल्या मामले में दी सफाई

इसके साथ ही सीबीआई ने बताया है कि साल 2015 में नवंबर के आखिरी हफ्ते में विजय माल्या के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था। एलओसी इसे जारी करने वाले प्राधिकारी पर निर्भर करता है। जब तक बीओआई से उस शख्स को हिरासत में लेने या किसी विमान में सवार होने से रोकने के लिए नहीं कहा जाता। तब तक उसके खिलाफ कुछ नहीं किया जा सकता।

5. 9 हजार करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप में फंसा है माल्या

आपको बता दें कि शराब कारोबारी विजय माल्या पर करीब 9000 करोड रुपए के कर्ज मामले में बैंकों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है। जिसके चलते वह साल 2016 में देश छोड़कर विदेश भाग गया था। अब लंदन की कोर्ट में उसपर सुनवाई की जा रही है।

निष्कर्ष: गौरतलब है कि विजय माल्या की तरफ से वित्त मंत्री अरुण जेटली को लेकर किए गए खुलासे के बाद बीजेपी मुश्किल में फंस गई है।

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