वडोदरा :- भाजपा सरकार और पुलिस के तमाम दावों के बाबजूद उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों पर हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे ! बड़ोदरा में एक ताजा मामला सामने आया है सोमबार शाम को एक सिविल इंजीनियर समेत 7 लोगों पर कुछ लोगों ने अटैक कर दिया।जिससे वो घायल हो गये जबकि पुलिस का कहना है कि हमले के पीछे वहाँ के स्थानीय निवासियों का कोई लेना देना नहीं है वहीँ दूसरी तरफ पीड़ित लोगों का कहना है कि जाते वक्त आरोपियों ने उन्हें शहर छोड़ने की धमकी भी दी थी ! सभी पीड़ित बिहार के मधुबनी जिले के रहने बाले बताए जा रहे है

. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सिविल इंजीनियर शत्रुघन यादव और उनके साथ छह प्लंबर वडोदरा नगर निगम के एक प्राइमरी स्कूल के कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करते हैं।

.  सोमवार को सभी अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग के पास बैठे हुए थे। तभी कीयूर परमार समेत तीन स्थानीय उनके पास आए और उनके पहनावे को लेकर पूछताछ करने लगे।

. तब शत्रुघन और बाकी मजदूर ‘लुंगी’ पहने हुए थे। आरोप है कि कुछ ही देर बाद तीनों उन लोगों से मारपीट करने लगे। इसी बीच इंजीनियर ने मदद के लिए पुलिस कंट्रोल रूम को फोन लगा दिया।

. पीसीआर वैन जैसे ही वहां पहुंची, तो आरोपी वहां से भाग निकले। लेकिन जाते-जाते उन्होंने इंजीनियर और मजदूरों को शहर छोड़ने की धमकी दे डाली।

शत्रुघन ने बताया, इसके बाद हम सभी आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने समा थाने पहुंचे। वहां से लौटे, तो कंस्ट्रक्शन साइट पर बाइक जली हुई मिली। ये बाइक कॉन्ट्रैक्टर ने उन्हें दी थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सूरत निवासी कॉन्ट्रैक्टर मयूर पटेल भी वडोदरा पहुंचे। उन्होंने कहा, आरोपियों को इंजीनियर और मजदूरों की लुंगी से परेशानी थी, जो बहुत अजीब है।

पटेल ने बताया, बाइक और प्लास्टिक की कुर्सियों को आग लगाने के बाद आरोपियों ने बिल्डिंग की पहली मंजिल पर सो रहे 30-40 मजदूरों को भी धमकाया था। पटेल ने कहा, आरोपियों ने मजदूरों को मुंह बंद रखने की धमकी देते हुए कहा- ऐसा नहीं करने पर बाइक की तरह उन्हें भी जला दिया जाएगा। इस घटना के बाद से शहर में रह रहे प्रवासी मजदूरों में दहशत का माहौल है।

गौरतलब है कि 28 सितंबर को साबरकांठा के हिम्मतनगर कस्बे के पास 14 महीने की बच्ची से रेप की वारदात हुई थी। मामले में बिहार के रहने वाले रविंद्र नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से ही गैर गुजरातियों को टारगेट करना शुरू कर दिया गया।

इस मामले पर पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने बताया, हमारी जांच से पता चला है कि प्रवासियों के खिलाफ हिंसा का मामला नहीं था। कुछ दिनों से स्थानीय उन्हें लुंगी पहनकर गलत तरीके से बैठने को लेकर चेतावनी दे रहे थे। लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया।मंगलवार को हमले के तीन अरोपियों में से एक कीयूर परमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

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