भारतीय सेना का एक जवान दो साल से पाकिस्तान के लिए जासूसी का काम कर रहा था। उसने व्हाट्सऐप के जरिए दुश्मन तक देश की कई खुफिया जानकारियां पहुंचाई हैं। यह जवान मेरठ छावनी में तैनात था। जासूसी की पुख्ता सुबूत मिलते ही इसे मेरठ छावनी से धर दबोचा गया। जवान की पहचान उत्तराखंड के बागेश्वर इलाके के निवासी कंचन सिंह के रूप में हुई।

फिलहाल जवान से पूछताछ की जा रही है। सैन्य सूत्रों के अनुसार, प्राथमिक पूछताछ में जवान ने पाक जासूस होने की बात कबूली है। यह जवान पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के लगातार संपर्क में था। उसने सेना की कई अहम जानकारियां पाकिस्तान पहुंचा दी है। बीते दो साल से वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के संपर्क में था और पाक के लिए भारतीय सेना की जासूसी करता था।

व्हॉट्सएप के जरिए इस जवान ने कई फोटोग्राफ, वीडियो और अन्य जानकारियां पाकिस्तान भेजी है। सेना की वेस्टर्न कमांड और नार्दर्न कमांड के कई अफसर अब इस जवान का पूरा डाटा खंगालने में जुटे हुए हैं। जवान व्हॉट्सएप के जरिए बातचीत करता था। कई बार फोन पर भी इस जवान की पाकिस्तान बातचीत हुई। तभी से यह जवान सेना के राडार पर था।

जासूसी के आरोप में पकड़े गए इस जवान ने प्राथमिक पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं। यह जवान पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों को भारतीय सैन्य कमांडरों की तैनाती और ट्रांसफर की सूचनाएं देता था। इसके अलावा उतरी भारत में विभिन्न छावनियों में कौन सी यूनिट कहां मूव हो रही है और कहां डिप्लॉय (तैनात) हो रही है, इसकी सूचनाएं भी पाक भेजता था। सैन्य सूत्रों ने बताया कि  पूछताछ में आरोपी जवान ने जासूसी की बात कबूल कर ली है और सेना ने जासूसी से जुड़े कई अहम एवं पुख्ता सुबूत भी जुटा लिए हैं।

जवान के बैंक खाते खंगालेगी सेना
सैन्य प्रशासन का दावा है कि जवान पिछले दो साल से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के संपर्क  में था। जाहिर है कि सूचनाएं प्रदान करने की एवज में जवान को बड़ा फायदा मिलता होगा। इसी की जांच के लिए जवान के बैंक खातों की भी जांच करेगी। पिछले तीन सालों में जवान के खातों में कितनी ट्रांजेक्शन हुई है और कहां-कहां से हुई है, इसकी पूरी डिटेल सेना खंगालेगी।

कश्मीर की जासूसी की भी आशंका
सेना को आशंका है कि  लंबे समय से जासूसी करने वाला इस जवान ने घाटी में सैन्य अभियानों से जुड़ी सूचनाएं तो पाकिस्तान नहीं भेजदी। इसीलिए वेस्टर्न कमांड के साथ-साथ नार्दर्न कमांड के सैन्य अफसर भी जवान से पूछताछ करेंगे, क्योंकि इस वक्त आतंकियों और घुसपैठियों के खिलाफ सेना की बड़ी कार्रवाइयां और कई सैन्य अभियान घाटी में चल रहे हैं। इसके अतिरिक्त मेरठ छावनी से पूर्व ये जवान कहां-कहां तैनात था और वहां इसकी एक्टिविटी कैसी थी, इसे भी खंगाला जा रहा है।

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