अखिलेश ने शिखर समागम में  कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था बद से बदतर है। जो दंगा कराने वाले थे वो सत्ता में आ गए

बता दें कि मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 1 साल में यूपी में 1200 से ज्यादा एनकाउंटर हो चुके हैं, जिनमें 40 मामलों में कथित अपराधियों को मार गिराया गया है। जबकि, 247 कथित अपराधी घायल हुए।

एक तरफ यूपी पुलिस अपराध खत्म करने का दावा कर रही है मगर ग्राउंड रिपोर्ट ठीक उलट कहानियां बयां कर रही हैं।

एक बार फिर एनकाउंटर के सवाल पर अखिलेश बड़ी बात कहते हुए बोले- “एनकाउंटर उनका हो जो अपराधी हों, लेकिन योगी की पुलिस अपराधी बनाकर एनकाउंटर कर देती है।

उन्होंने कहा कि, “जब योगी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से लताड़ पड़ी तब जाकर एनकाउंटर बंद हुए। मगर, अब तो अपराधी के एक ही पैर पर गोली लगती है और वो भी घुटने के पास। यूपी पुलिस का निशाना इतना साफ है कि पैर पर ही गोली लगती है!”

इसमें अखिलेश ने यूपी पुलिस पर सवाल उठाया है कि एनकाउंटरों के नाम पर यूपी पुलिस सरकार के इशारे पर एक खास समुदाय और जाति विशेष को निशाना बना रही है।

यहाँ तक की योगी सरकार में डॉन मुन्ना बजरंगी की जेल में हुई हत्या पर उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को जेल में ही मरवा दे रही है। ये अखिलेश का भाजपा की योगी सरकार पर सीधा हमला है जिसमें सरकार शामिल थी।

भले ही योगी सरकार एनकाउंटर कर रही यूपी पुलिस की पीठ थपथपा रही हो लेकिन, सच्चाई ये है कि प्रदेश अपराध मुक्त होने के बजाय डर के साए में जीने को मजबूर हो रहा है। पहले युवाओं को फर्जी मुठभेड़ में मार दिया गया, फिर शिकायत करने पर उनके परिजनों को परेशान किया जा रहा है।

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