इस्लाम का मतलब है शांति और मानवता को प्यार करना, लेकिन इन दिनों दुनिया में इस्लाम के बारे में कई गलत धारणाएं हैं। इस्लाम एक ऐसा धर्म है जिसे लोगों द्वारा नहीं समझा जाता है, क्योंकि उन्हें इसके मूलभूत ज्ञान नहीं हैं। इस्लाम अन्य धर्मों का सम्मान करता है और दूसरे धर्मों के लोगों  से भाईचारे में रहने के लिए सिखाता है। इस्लाम का मानना ​​है कि धर्म पर कोई दबाव नहीं है। यदि कोई व्यक्ति एक अच्छा व्यक्ति नहीं है तो वह एक अच्छा मुस्लिम भी नहीं बन सकता है।

हम आपको इस्लाम से संबंधित कुछ दिलचस्प बातें बताते हैं कि आपने पहले नहीं सुना है:

  1. सारे अरबी मुस्लिम नहीं हैंःसारे अरबी लोग मुस्लिम नहीं हैं। उनमें ईसाई, बौद्ध, यहूदी, एथेस्ट भी हैं। इसके बावजूद इंडोनेशिया मं मुस्लिम आबादी ज्यादा है।
  2. मुस्लिम लोग मोहम्मद और मक्का की पूजा नहीं करतेःइस्लाम के अंतिम  नबी  मोहम्मद साहब हुए। उनके लिए सबके मन में आदर है लेकिन उनकी पूजा नहीं की जाती है क्योंकि अल्लाह के अलावा अगर कोई किसी औऱ की पूजा करता है तो उसे पाप समान ही  समझा जाता है, जिसे शिर्क कहा जाता है। मक्का और मोहम्मद दोनों को इस्लाम में बहुत माना जाता है लेकिन उनकी पूजा नहीं की जाती है।
  3. अल्ला-हु-अकबर डर वाला शब्द नहीं हैःअल्ला-हु-अकबर का मतलब है ‘अल्लाह महान है’। मुस्लिम लोग अपने दुख-दर्द और चिंताएं मिटाने के लिए ऐसा कहते हैं जो व्यक्ति मुसलमान नहीं है वह इसका अर्थ लगा सकता है कि ‘ईश्वर महान है’।
  4. यीशु के लिए खास जगहःमोहम्मद पैगंबर साहब के मकबरे के पास ही यीशु के लिए खास जगह है। माना जाता है कि एक दिन यीशु आएंगे और उन्हें यहां दफनाया जाएगा।
  5. सारी मुस्लिम औरतें हिजाब नहीं पहनतीःबुर्का या हिजाब का मतलब अपने आप को ढकना है लेकिन मुस्लिम औऱतों के लिए यह अनिवार्य नहीं है। वह भी मॉडर्न कपड़े पहन सकती हैं। बस आपके शऱीर का कोई हिस्सा दिखाई नहीं देना चाहिए।
  6. इस्लाम में शराब और सिगरेट पर पाबंदीःशराब और सिगरेट एक धीमा जहर है और जो भी चीज आपको मार सकती है इस्लाम उसकी आज्ञा नहीं देता। इस्लाम में आत्महत्या वर्जित है। इसके साथ ही इन चीजों के सेवन के बाद व्यक्ति बुरे काम भी करता है।
  7. गर्भपातःइस्लाम में बच्चे के भ्रूण को मारने पर प्रतिबंध है। हां अगर मां की जान को खतरा है तो ऐसा किया जा सकता है।
  8. मैरीःमैरी या मरियम का नाम जितना बाईबल में लिया गया है, उससे कहीं ज्यादा कुरान में लिया गया है।
  9. मुसलमानों ने यहूदियों को बचाया थाःद्वितीय विश्व युद्ध में बहुत से मुसलमानों ने नाजियों से यहूदियों को बचाने के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया था।
  10. मुसलमान हिंसा नहीं चाहतेःहिंसा इस्लाम के खिलाफ है। इस्लाम का मतलब है शांति और लोगों को द्रढ़ता से इसका पालन करना चाहिए। इस्लाम मानवता पर आधारित है और मोहम्मद साहब ने तो उन लोगों को भी प्यार किया, जिन्होने उन पर कचरा फेंका था। जो व्यक्ति अपने आपको मुसलमान कहता है और हिंसा फैलाता है। इस्लाम ऐसे व्यक्ति को स्वीकार नहीं करता है।
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